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मज़दूर नेता पर गुंडा एक्ट की नोटिस निरस्त करो कुमाऊँ कमिश्नर और आईजी पुलिस से हुई वार्ता

19 Jun 2026, 08:52 PM • By M SALEEM KHAN

मज़दूर आंदोलन पर दबाव बनाने के लिए श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधम सिंह नगर के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह पर फर्जी गुंडा एक्ट की हुई कार्रवाई।

जिन मामलों के आधार पर मामला बनाया गया है वे गुंडा एक्ट की परिधि में नहीं आते। ये मामले 4 से 8 साल पुराने इंट्रार्क मजदूर आंदोलन के हैं।

इनमें से एक FIR निरस्त हो चुका है एक पर उच्च न्यायालय का स्टे है।

नैनीताल, 16 जून। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मंडल द्वारा श्रमिक संयुक्त मोर्चा, उधमसिंह नगर के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही और जिलाबदर की तैयारी के खिलाफ कुमाऊं क्षेत्र के आयुक्त तथा पुलिस महानिरीक्षक से वार्ता करके उक्त कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की गर्ई। 

प्रतिनिधि मंडल में मज़दूर व सामाजिक संगठनों, संघर्षशील राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे। वार्ता के दौरान कमिश्नर और आईजी पुलिस ने सकारात्मक आश्वासन दिया।

प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यह मामला प्रतिशोधवश थोपा गया है। 

जिन मामलों का संज्ञान लेकर यह मामला बनाया गया है वे 2018 से 2022 तक के इंट्रार्क कंपनी पंतनगर के मजदूर आंदोलन के दौरान के चार F.I.R के हैं। 

इनमें से एक निरस्त हो चुका है एक पर उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश है। इन सभी F. I. R. में किसी पर भी गुण्डा एक्ट नहीं लागू हो सकता है क्योंकि सभी F.I. R. मजदूर आंदोलनों से संबंधित हैं। 

इस पर भी यह सभी मामले 4 से 8 साल पुराने हैं। प्रतिनिधि मंडल ने जबरन थोपे गए इस मामले को तुरंत समाप्त करने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि श्रमिक संयुक्त मोर्चे के कार्यकारी अध्यक्ष श्री दलजीत के विरुद्ध शुरू की गईं गुंडा एक्ट की कार्यवाही प्राकृतिक न्याय के सिद्धातों माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड और जिला एवं सत्र न्यायालय रुद्रपुर के आदेशों की घोर अवमानना और अनदेखी करके की गईं है। 

स्पष्ट रूप से जिला प्रशासन की सारी कार्यवाही दूषित मंशा के तहत एक साजिश के तहत ही गईं है। जो की घोर मनमानी है।

क्योंकि दलजीत सिंह ऊधमसिंह नगर जिले के पंतनगर सिडकुल स्थित इंटरार्क कम्पनी में 15-20 साल से नौकरी कर रहे हैं।

इसलिए उन्हें जिला बदर करने की कार्यवाही दलजीत सिंह और उनके बच्चों के सम्मानजनक रूप से जीवन जीने और रोजगार करने के संवैधानिक अधिकारों का घोर हनन है। पूर्णतः संविधान विरोधी कृत्य है।

श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधमसिंह नगर के अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन द्वारा दलजीत सिंह के विरुद्ध प्रारम्भ की गईं गुंडा एक्ट की उक्त कार्यवाही पर तत्काल रोक नहीं लगाई गईं।

तो चारणबद्ध तरीके से आंदोलन को उत्तराखंड स्तर तक विस्तारित किया जायेगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी उत्तराखंड सरकार,जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन की होगी।

प्रतिनिधि मंडल में शामिल प्रबुद्ध जन

प्रतिनिधिमंडल में श्रमिक संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी, उत्तराखंड लोक वाहिनी के अध्यक्ष राजीव लोचन शाह, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष प्रभात ध्यानी, महासचिव दिनेश चंद्र उपाध्यक्ष।

भाकपा (माले) के नैनीताल नगर अध्यक्ष कैलाश चंद्र जोशी, समाजवादी लोक मंच से गिरीश आर्या, सेन्टर फॉर स्ट्रगलिंग ट्रेड यूनियंस (CSTU) के केंद्रीय महासचिव मुकुल।

इंकालबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट, पहाड़ संस्था के सदस्य मनमोहन सिंह, श्रमिक संयुक्त मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह, प्रचार मंत्री हरेन्द्र सिंह आदि शामिल थे।

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