दिनेशपुर थाना पुलिस ने एक तथा कथित हमले में दर्ज फर्जी मुकदमे को खारिज कर दिया है।
13 जून को पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि जगदीश विश्वास उर्फ सुदर्शन ने थामा दिनेशपुर को तहरीर देकर बताया था कि तमंचे के दम पर जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस प्रकरण में जांच पड़ताल में यह मामला पूरी तरह निराधार पाया गया इस प्रकरण की गंभीरता से विवेचना साक्ष्यों के गहन परीक्षण और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस इस मामले की पुष्टि करने वाला कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले।
बताते चलें कि इस मामले के बाद रुद्रपुर शहर विधायक शिव अरोरा जगदीश के समर्थन में दर्जनों समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे और मामले को लेकर पुलिस से शीघ्र अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त।
कार्रवाई की मांग उठाई थी पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी तफ्तीश में दौरान पुलिस ने विभिन्न पहलुओं की जांच पड़ताल की और वारदात से जुड़े साक्ष्यों का गंभीरता से सत्यपान किया।
और बहुत से लोगों के बयान दर्ज किए, विवेचना में आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत नहीं मिलने पर जगदीश विश्वास ने खुद ही थाने पहुंचकर एक शपथ पत्र दाखिल किया जिसमें उन्होंने काबूल किया।
कि गहल फहमी में शिकायत दर्ज कराई गई थी और अपने पूर्व आरोपों का खंडन कर दिया, जिसके बाद थाना पुलिस ने इस मामले को अंतिम रिपोर्ट लगाकर खारिज कर दिया इस कार्रवाई के साथ लगभग।
एक महीने से अधिक समय से चर्चा में बना हुआ यह प्रकरण खत्म हो गया, थाना प्रभारी रविन्द्र बिष्ट ने बताया कि सुदर्शन की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था और तफ्तीश शुरू कर दी गई।
जांच के दौरान हमला करने जैसी कोई वारदात की पुष्टि नहीं हुई जिसके बाद पीड़ित ने ग़लत फहमी का शपथ पत्र देकर मुकदमे को खारिज कर दिया है ।