राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस की गैर न्यायिक कार्यवाही और लोकसभा में नेता प्रतिशत राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है और इस संवैधानिक सिद्धांतों पर केन्द्र सरकार जबरन रोक लगा रही।
उन्होंने कहा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कांग्रेस कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कारवाई बेहद दुर्भाग्य पूर्ण रवैया है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिशत राहुल गांधी को हिदायत में लिया जाना लोकतंत्र सिद्धांतों की मर्यादाओं के विपरित है विपक्ष की आवाज को बलपूर्वक दबाने से मुद्दे खत्म नहीं हो सकते।
बल्कि सरकार की मंशा पर सवालिया निशान लगाए जाते हैं महाजन ने कहा कि कांग्रेस ने सदैव लोकतंत्र संविधान और आम जनता के अधिकारों की मर्यादाओं के पहचानी जाती है।
और संघर्ष कांग्रेस को विरासत में मिला है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा उन्होंने मांग की प्रदर्शनकारियों के साथ हुई।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मौलिक अधिकार कि देश का लोकतंत्र संवाद और असहमति की संस्कृति पर आधारित है।
सरकार दमन की नीतियों को छोड़ कर जनता और विपक्ष की आवाज को सुनने उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और लोकतंत्र तरीके से संघर्षरत रहने का आव्हान किया ।