हल्द्वानी में बरसात के दौरान हर साल जलभराव की समस्या से जूझ रहे हल्द्वानी में प्रस्तावित सड़क और ड्रेनेज परियोजनाओं की धीमी रफ्तार पर कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 16 किलोमीटर लंबी सड़क और ड्रेनेज परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या विभागीय समन्वय की कमी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक के बाद दीपक रावत ने शहर के प्रमुख नालों का स्थलीय निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया अधिकारियों ने बताया।
कि यूयूएसडीए (UUSDA) के माध्यम से सड़क और ड्रेनेज नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
इस पर आयुक्त ने कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस गति से काम आगे बढ़ना चाहिए था, वह दिखाई नहीं दे रहा है।
आयुक्त ने वन विभाग, यूपीसीएल और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी विभाग की अनुमति या तकनीकी प्रक्रिया विकास कार्यों में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने सभी एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए। दीपक रावत ने कहा कि हल्द्वानी में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।
और नवंबर 2028 से पहले हर हाल में सभी सड़क एवं ड्रेनेज परियोजनाएं पूरी कर ली जानी चाहिए।
ताकि भविष्य में बारिश के दौरान शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।