पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देवबंद की डॉ. शाजिया नाज एक मिसाल बनकर उभरी हैं। कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष और पर्यावरणविद डॉ. नाज को अब लोग पर्यावरण की सिंघम'कहकर बुला रहे हैं।
पिछले पांच वर्षों में डॉ. शाजिया नाज के नेतृत्व में देवबंद और आसपास के गांवों में 30,000 से अधिक वृक्षों का रोपण और निःशुल्क वितरण किया जा चुका है।
इस मुहिम में सबसे आगे रहे हैं स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं और क्षेत्र की महिलाएं सभी ने मिलकर इस अभियान को जन-आंदोलन बना दिया।
डॉ. नाज ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए 'हर घर एक वृक्ष' अभियान चलाया।
इसके तहत घर-घर जाकर जामुन, नीम, अमरूद, आंवला, आम, तून, पीपल और बरगद जैसे छायादार व फलदार पौधे मुफ्त बांटे गए।
मंदिर-मस्जिद से बाजार तक हरियाली
उनके नेतृत्व में धार्मिक व सामाजिक स्थलों, सामुदायिक केंद्रों, स्कूल-मदरसों और स्थानीय व्यापारियों के बीच भी बड़े स्तर पर पौधरोपण किया गया।
डॉ. शाजिया नाज का कहना है कि इस अभियान का मकसद सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि समाज में हरियाली बढ़ाना और आने वाली पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ना है।