एक तरफ जहां बीजेपी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने का जश्न मना रही है तो वहीं कांग्रेस उस पर तंज कस रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच साल के कार्यकाल पर कांग्रेस का बयान आया है. उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 5 साल और भाजपा सरकार के साढे नौ सालों के कार्यकाल को दिशाहीन और जन विरोधी बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सीएम धामी इलेक्टेड नहीं बल्कि हाईकमान के सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं।
गणेश गोदियाल ने सरकार के कामकाज को पूरी तरह विफल बताया है।
उन्होंने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री या सरकार महज झूठी बयान बाजी और विज्ञापनों के दम पर इतिहास में जगह नहीं बना सकती है।
सीएम धामी के पांच साल के कार्यकाल पर गणेश गोदियाल का तंज़
आप मुख्यमंत्री जरूर हैं. आप कह रहे है कि आप तिवारी से ज्यादा समय तक सीएम रहे।
लेकिन आपको जानकारी होगी का आप इलेक्टेड नहीं बल्कि सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं. आप अपने आला कमान की पंसद हो सकते हैं।
गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस
गोदियाल ने कहा कि इतिहास हमेशा धरातल पर किए गए कामों से दर्ज होता है. सरकार की विफलताओं को उजागर करते हुए।
उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह से विफल साबित हुई है और एक लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज प्रदेश की जनता पर चढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि साल 2017 में कांग्रेस ने जब सत्ता छोड़ी थी, तब राज्य का कर्ज लगभग 40 हजार करोड़ था।
लेकिन आज भाजपा शासन काल के कु प्रबंधन के कारण उत्तराखंड राज्य एक लाख करोड़ से अधिक के कर्ज के जाल में डूब चुका है।
गणेश गोदियाल का आरोप है कि सरकार राजस्व के नए स्रोत खोजने में पूरी तरह नाकाम रही है।
बुनियादी क्षेत्रों की भारी उपेक्षा की गई है. राज्य का बजट केवल आंकड़े की बाजीगरी है. इधर विकास केवल कागजों और होर्डिंग तक सीमित रह गया है।
गोदियाल ने कहा कि विकास के मुद्दों पर सरकार पूरी तरह से फेल हुई है।अब मुख्यमंत्री धामी आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए ध्रुवीकरण की राजनीति पर उतर आए हैं। जनता का ध्यान भटकाने के लिए केवल तीखी बयानबाजी और नफरत का एजेंडा चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में अंतर्विरोध सीएम धामी से संभाला नहीं जा रहा है. धामी कैबिनेट का हाल यह है कि भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है।
और सरकार में कांग्रेस पृष्ठभूमि से आए नेताओं का दबदबा है. यह साफ दर्शाता है कि भाजपा के पास नेतृत्व का अभाव है।
गोदियाल ने मुख्यमंत्री धामी को नसीहत देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी को यह समझ लेना चाहिए कि इतिहास में नाम दर्ज कराने के लिए जनता के हित में बड़े और दूरगामी फैसले लेने पड़ते हैं।
उत्तराखंड की जनता आज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है. युवा बेरोजगार हैं और प्रदेश कर्ज में डूबा चला जा रहा है।
ऐसे में महज चुनावी बयानबाजी से कभी इतिहास नहीं बनता है. इतिहास सिर्फ ठोस जनहित के कामों से ही लिखा जाता है।
गणेश गोदियाल ने महिला सुरक्षा और अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भी सरकार को घेरा है और कहा कि अब तक अंकिता प्रकरण में सीबीआई की जांच कहां तक पहुंची, इसे अब तक सरकार सार्वजनिक नहीं कर पाई है। वीआईपी का नाम उजागर होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, उल्टा ऐसे व्यक्ति का देवभूमि में स्वागत करके पहाड़ की बेटियों का अपमान किया जा रहा है।