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तीन महीने से आंगनवाड़ी से राशन नहीं मिलने से सैकड़ों लाभार्थी परेशान महिलाओं ने उठाए सवाल

10 Jul 2026, 11:27 PM • By JANVAANI DESK

सरकार की महत्वाकांक्षी पोषण योजना के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं।

धात्री माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों को हर माह पोषाहार (राशन) उपलब्ध कराया जाता है। 

लेकिन शारदा क्षेत्र में पिछले तीन महीनों से राशन वितरण पूरी तरह ठप होने का मामला सामने आया है। 

लगातार तीन महीने से राशन नहीं मिलने के कारण लाभार्थी महिलाओं में भारी नाराजगी है। 

उनका कहना है कि योजना का लाभ समय पर न मिलने से गरीब परिवारों को आर्थिक और पोषण संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लाभार्थी महिलाओं ने बताया कि वे हर महीने की तरह राशन लेने के लिए कई बार आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचीं।

लेकिन प्रत्येक बार उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि विभाग की ओर से अभी तक राशन की आपूर्ति नहीं हुई है। 

महिलाओं का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि राशन का वितरण शुरू नहीं कराया गया।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का कहना है कि उनके पास वितरण के लिए कोई राशन उपलब्ध नहीं है। 

उनका कहना है कि जब तक विभाग से पोषाहार की आपूर्ति नहीं होगी, तब तक लाभार्थियों को राशन देना संभव नहीं है। 

महिलाओं का कहना है कि सरकार कुपोषण दूर करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। 

सबसे अधिक परेशानी उन गरीब परिवारों को हो रही है जो बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए इसी राशन पर निर्भर रहते हैं।

कि तीन महीनों से लंबित राशन का वितरण नहीं हुआ है आंगनवाड़ी द्वारा जब इस बार 8/7/2026 महीने राशन का वितरण हुआ है तो बस दो पैकेट सत्तू के देकर ये कह दिया की अबकी बार यही राशन आया है।

जबकि महिलाओं को रिफाइंड दलिया चने की दाल काले चने सत्तू व अन्य सामग्री भी मिलती है।

लेकिन शारदा नगर शिवपुरी की आंगनवाड़ी की कार्यकर्ता  हर बार यह कहकर महिला को टाल देती है कि यही सामान आया हुआ है और गरीब महिलाएं चुपचाप सामान को लेकर चली जाती हैं महिलाओं का कहना है।

कि उच्च अधिकारियों द्वारा इस पर जांच होनी चाहिए कि पीछे से हर महीने क्या राशन आता है और क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राशन वितरण करती है।

महिलाओ का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से संबंधित अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन देंगी। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे।

इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले का संज्ञान लेकर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लाभार्थियों को राहत मिल सके।

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