भारत मुक्ति मोर्चा ने देश की राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर मनीष बिष्ट को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है मुसलमानो कि मोब लिचिग धार्मिक स्थलों पर हमले, धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित की घटनाओं पर त्वरित रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता एव नागरिक समानता की रक्षा हेतु 12 सूत्रीय मांगों पर चरित कार्रवाई अमल में लाई जाए।
ज्ञापन में कहा कि लंबे अरसे से विशेष समुदाय को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है और उनके पवित्र स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है।
जो भारत के संविधान का खुला हनन है उन्होंने कहा ऐसे घटनाओं पर त्वरित रोक लगाई जाए और संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
12 सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया कि आए दिन धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है जो भारतीय संविधान और स्वतंत्र नागरिकता के बेहद संवेदनशील है।
और इससे विभिन्न तरह की भर्तियां पैदा हो रही है जबकि स्वतंत्र नागरिकता में हर भारतीय नागरिक को सम्मान से जीवन ज्ञापन का मौलिक अधिकार है।
लेकिन उनके मौलिक अधिकारों का खुला हनन किया जा रहा है जो भारत के लिए बेहद चिंता जनक है।
वक्ताओं ने कहा कि भारत में हर समुदाय को स्वतंत्र नागरिकता का अधिकार दिया गया है और विभिन्न समुदाय अपने अपने धर्म के अनुसार जीवन व्यतीत कर के मौलिक अधिकार है।
लेकिन ऐसी घटनाओं से भारत की कौमी एकता छिन्न-भिन्न हो रही है जिन पर समय रहते रोक लगना जरूरी है ताकि हर हिन्दुस्तानी अपने धर्म के अनुसार जीवन व्यतीत कर सके। इस दौरान एडवोकेट लालू प्रसाद प्रदेश अध्यक्ष बहुजन मुक्ति पार्टी, सरदार जनरल सिंह राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, जिला अध्यक्ष करण सिंह, जिला उपाध्यक्ष रिंकू बाबा प्रदेश महासचिव मौजूद थे।