मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की ओर से किए गए लाठी चार्ज को सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन कहा जा रहा है।
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने इसकी यूपी ह्यूमन राइट कमीशन में शिकायत की है।
मानवाधिकार आयोग से शिकायत करते हुए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा कि बुधवार को जो प्रदर्शन हुआ, वह हत्याकांड से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर था।
हर तरफ पुलिस ही पुलिस तैनात की गई थी। पूरा प्रदर्शन स्थल पुलिस के घेरे में था। इसके बावजूद एसएसपी अविनाश पांडे ने प्रदर्शनकारियों के साथ हाथापाई की।
ऐसी स्थिति में जिले के सर्वोच्च पुलिस अधिकारी की ओर से उनके साथ कथित मारपीट गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन, संभावित हिरासत हिंसा व पुलिस अधिकारों के दुरुपयोग का मामला है।
उन्होंने सीधे तौर पर मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे को जिम्मेदार ठहराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने के लिए कमेटी तैयार किए जाने की मांग की है।
साक्ष्य से खिलवाड़ की जताई संभावना पूर्व आईपीएस ने बुधवार के पूरे घटनाक्रम से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से छेड़छाड़ की भी संभावना जताई है।
अमिताभ ठाकुर ने संबंधित वीडियो एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित कराने और रवि गौतम की हिरासत की पूरी समयरेखा और अभिलेख तलब करने की मांग की है।
रवि गौतम को साथ ले जाने पर भी सवाल पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने यह भी मांग की है कि रवि गौतम द्वारा कथित मारपीट का विरोध करने और आंदोलन की घोषणा के बाद पुलिस द्वारा उन्हें अपने साथ ले जाने की परिस्थितियों की जांच की जाए।
यह निर्धारित किया जाए कि कहीं उनके विरुद्ध कोई प्रतिशोधात्मक ( बदला लेने की नीयत से) पुलिस कार्रवाई तो नहीं की गई।