लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब पहाड़ी क्षेत्रों में खतरे का कारण बनने लगी है। षुक्रवार को मसूरी क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर विशाल पेड़ सड़क पर गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
गनीमत रही कि दोनों घटनाओं में कोई वाहन या राहगीर पेड़ों की चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
सूचना मिलते ही अग्निशमन एवं आपात सेवा तथा संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया।
पहली घटना झड़ीपानी चुना खाला मार्ग पर झड़ीपानी कैसल के नीचे हुई, जहां लगातार बारिश के चलते एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर भरभराकर गिर पड़ा।
पेड़ गिरने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।
दूसरी घटना इंदिरा कॉलोनी, बाईपास-कैंपटी फॉल मार्ग पर सामने आई। यहां भी भारी बारिश के बीच एक बड़ा पेड़ मुख्य सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
सूचना मिलते ही मसूरी अग्निशमन एवं आपात सेवा केंद्र की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।
फायर कर्मियों ने वुडन कटर की सहायता से पेड़ को छोटे-छोटे हिस्सों में काटकर सड़क से हटाया और कुछ ही समय में यातायात को दोबारा सुचारु करा दिया।
अग्निशमन विभाग के अनुसार दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो राहत की बात रही।
राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद फायर यूनिट वापस स्टेशन लौट गई। राहत कार्य में चालक प्रदीप कुमार, फायरमैन सुभाष सिंह, नितिन सिंह चौहान तथा रविंद्र बिष्ट ने सक्रिय भूमिका निभाई।
लगातार जारी बारिश और मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, विशेषकर भूस्खलन और पेड़ गिरने की आशंका वाले मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण पेड़ों के गिरने और मलबा आने का खतरा बढ़ गया है।
ऐसे में आपदा प्रबंधन, अग्निशमन विभाग और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।