दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज बरसने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया,देश भर में छात्रों पर लाठीचार्ज का चौतरफा विरोध किया जा रहा है।
गौरतलब हो कि 20 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली में जो कुछ भी वो किसी से छुपा नहीं है।
आंदोलन कर रहे देश भर के छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने बर्बता पूर्ण लाठी चार्ज किया और इस घटना में बहुत से लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जिन्हें घायल अवस्था में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, लोकसभा में नेता प्रतिशत और सांसद राहुल गांधी आज राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे और उन्होंने घायल छात्रों से उनका हालचाल जाना।
इस दौरान सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी मौजूद थे, जिसके बाद कांग्रेस के सांसदों सहित अन्य नेताओं ने पीएम आवास की ओर कूच किया और प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए,इस पीएम नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
नेता प्रतिशत राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने पहले किसानों पर हमला किया और अब हमारे भविष्य के छात्रों के साथ जो कतराता पूर्ण रवैया अपनाया गया है उसकी जितनी भी निंदा की कम है।
उन्होंने कहा भारत का भविष्य अपने अधिकारों को लेकर शांति पूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहा था लेकिन 20 जुलाई का इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो गया हजारों छात्रों पर आंसू गैस, पत्थर, लाठियां बरसाई गई।
जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए किसी का हाथ तोड दिया तो किसी का पैर और किसी का सर फोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा लाठीचार्ज के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने अपने निजी गुन्डों को सक्रिय कर रखा था जो बिना किसी वर्दी के इन मज़लूम छात्रों पर लाठीचार्ज कर रहे थे। आखिर यह लोग कौन थे दिल्ली पुलिस को इसका जवाब देना होगा, उन्होंने कहा यह लाठीचार्ज संविधान पर सीधा हमला है,देश भर से आए छात्रों को अपनी बात रखने का मौलिक अधिकार है।
फिर मोदी सरकार इससे भाग क्यों रही है उन्होंने सरकार को हिटलरशाही करार देते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक मामले पर चुप्पी क्यों साधे हुए उन्होंने कहा।
मैं इस मामले पर बहस करने को तैयार हूं,इस दौरान कांग्रेसियों ने मोदी इस्तीफा दो के नारे लगाए और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद मुक्त करने की मांग को दोहराया इस दौरान कई दिग्गज कांग्रेस नेता मौजूद थे।