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सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा राज्य में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान मुख्यमत्री पुष्कर सिंह धामी

11 Jul 2026, 10:47 PM • By M SALEEM KHAN

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”- ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन, त्वरित समाधान और जन-समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। 

इस आयोजन के तहत 09 जुलाई, 2026 तक आयोजित कार्यक्रमों की प्रगति से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी एवं वास्तविक परिणाम देने में सफल रही है। 

प्रदेश के सभी जनपदों में 04 से 09 जुलाई, 2026 तक कुल 73 जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64 हजार 192 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की।

इन शिविरों में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 21 हजार 908 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान 05 हजार 567 शिकायतें एवं प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 04 हजार 901 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। 

शेष मामलों को भी समयबद्ध कार्य-योजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर निगरानी में रखा गया है, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। 

इन शिविरों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों से संबंधित कुल 02 हजार 522 आवेदन प्राप्त हुए। 

इन आयोजनों की सफलता के संबंध में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि अधिकारी जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करें। 

उन्होंने प्रत्येक कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की तथा यह निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निस्तारण किया जाए। 

इस पहल से प्रशासनिक तंत्र को और अधिक संवेदनशील बनाने में भी मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ राज्य में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से शासन व प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है। राज्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की संस्कृति विकसित हुई है।‌

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