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सेहत के लिए किसी खजाने से कम नहीं गढ़वाल-कुमाऊं की यह 'ग्लूटेन-फ्री' खीर, आसानी से करें घर पर तैयार

28 May 2026, 05:19 PM • By JANVAANI DESK

क्या आप जानते हैं कि पहाड़ों की शुद्ध हवा और प्रकृति की गोद में बसे गढ़वाल और कुमाऊं में सिर्फ़ ख़ूबसूरत नज़ारे ही नहीं, बल्कि सेहत का एक अनमोल खज़ाना भी छुपा है? जी हाँ, हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के पारंपरिक रसोईघर से निकली एक ऐसी स्वादिष्ट और पौष्टिक खीर की, जो न केवल आपके स्वाद कलिकाओं को तृप्त करेगी, बल्कि आपके स्वास्थ्य को भी कई गुना बेहतर बनाएगी। यह ग्लूटेन-फ्री खीर, जिसे घर पर बनाना बेहद आसान है, किसी भी मायने में किसी सुपरफूड से कम नहीं है।

सेहत के लिए खजाने से कम नहीं गढ़वाल-कुमाऊं की यह खीर

हमारे पूर्वजों ने हमेशा प्रकृति के नज़दीक रहकर जीवन जिया और ऐसे व्यंजनों की खोज की जो शरीर को अंदर से मज़बूत बना सकें। गढ़वाल और कुमाऊं की यह ख़ास खीर उसी प्राचीन ज्ञान का एक अनुपम उदाहरण है। चावल की खीर तो आपने बहुत खाई होगी, लेकिन इस पहाड़ी खीर की ख़ासियत यह है कि यह पूरी तरह से ग्लूटेन-फ्री अनाज से बनती है, जैसे मंडुआ (रागी) या झंगोरा (बार्नयार्ड बाजरा)। यही वजह है कि यह खीर आज के समय में, जब लोग ग्लूटेन-फ्री डाइट को अपना रहे हैं, एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है।

ग्लूटेन-फ्री क्यों है ज़रूरी?

आजकल बहुत से लोग ग्लूटेन इनटॉलेरेंस या सीलिएक रोग से पीड़ित हैं, जिसके कारण उन्हें ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थों (गेहूं, जौ, राई में पाया जाने वाला प्रोटीन) से बचना पड़ता है। लेकिन यहाँ तक कि जिन्हें ये समस्याएँ नहीं भी हैं, वे भी बेहतर पाचन और समग्र स्वास्थ्य के लिए ग्लूटेन-फ्री विकल्पों की तलाश में रहते हैं। गढ़वाल-कुमाऊं की यह खीर इस ज़रूरत को पूरा करती है और पाचन तंत्र को आराम देती है, जिससे आप हल्का और ऊर्जावान महसूस करते हैं।

मंडुआ की खीर: स्वाद और सेहत का अद्भुत संगम

हालांकि गढ़वाल-कुमाऊं में कई ग्लूटेन-फ्री अनाजों से खीर बनाई जाती है, लेकिन मंडुआ (रागी/फिंगर बाजरा) की खीर सबसे ज़्यादा लोकप्रिय और पौष्टिक है। आइए जानते हैं कि यह कैसे तैयार की जाती है और इसके क्या फ़ायदे हैं।

मंडुआ की खीर बनाने की आसान विधि

घर पर यह पौष्टिक खीर तैयार करना बेहद सरल है। इन स्टेप्स को फॉलो करें और आनंद लें:

सामग्री:

बनाने की विधि:

  1. सबसे पहले एक कड़ाही में घी गरम करें। इसमें मंडुआ का दलिया या आटा डालकर धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक भूनें, जब तक कि उससे भीनी-भीनी खुशबू न आने लगे और उसका रंग थोड़ा गहरा न हो जाए। इससे खीर का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।
  2. भुने हुए मंडुआ में 1 कप पानी डालें और अच्छी तरह मिलाएँ ताकि कोई गांठ न पड़े। इसे धीमी आंच पर 5 मिनट तक पकने दें, जब तक कि पानी सूख न जाए।
  3. अब इसमें दूध डालें और उबाल आने दें। उबाल आने के बाद, आंच धीमी कर दें और इसे लगातार चलाते रहें ताकि यह तले में न लगे। इसे लगभग 20-25 मिनट तक पकने दें, जब तक कि मंडुआ अच्छी तरह से नरम न हो जाए और खीर गाढ़ी न हो जाए।
  4. जब खीर गाढ़ी हो जाए, तो इसमें गुड़ या शक्कर और हरी इलायची पाउडर डालें। अच्छी तरह मिलाएँ और 5 मिनट तक और पकाएँ, जब तक कि गुड़ पूरी तरह से घुल न जाए। (यदि आप चीनी का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे खीर गाढ़ी होने के बाद ही डालें)।
  5. अंत में, कटे हुए मेवे डालकर अच्छी तरह मिलाएँ। कुछ मेवों को गार्निशिंग के लिए बचा सकते हैं।
  6. गरमागरम या ठंडा करके परोसें। आपकी स्वादिष्ट और सेहतमंद मंडुआ की खीर तैयार है!

सेहत के लिए अनमोल फायदे: क्यों चुनें यह ग्लूटेन-फ्री खीर?

यह ग्लूटेन-फ्री खीर सिर्फ़ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि पोषक तत्वों का पावरहाउस भी है। इसके सेवन से आपको कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं:

कुछ महत्वपूर्ण सुझाव

निष्कर्ष

गढ़वाल-कुमाऊं की यह ग्लूटेन-फ्री खीर सिर्फ़ एक व्यंजन नहीं, बल्कि पहाड़ों की सदियों पुरानी जीवनशैली और सेहतमंद खाने की परंपरा का प्रतीक है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभों से भरपूर है, जो इसे आधुनिक जीवनशैली के लिए एक आदर्श स्वस्थ विकल्प बनाती है। इसे घर पर बनाना भी बेहद आसान है। तो फिर देर किस बात की? आज ही इस पौष्टिक और लज़ीज़ खीर को अपनी रसोई में ट्राई करें और अपने परिवार को सेहत का यह अनमोल खज़ाना परोसें!

क्या आपने कभी यह पहाड़ी खीर खाई है? अपने अनुभव हमें कमेंट्स में ज़रूर बताएँ!

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