कुल 18 परिणाम मिले
थाना फतेहपुर से इस वक्त की अहम खबर आ रही है, जहां आगामी श्रावण मास कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। आज थाना परिसर में प्रभारी निरीक्षक की अध्यक्षता में क्षेत्र के डीजे संचालकों और संभ्रांत नागरिकों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान प्रभारी निरीक्षक फतेहपुर द्वारा उच्चाधिकारियों से प्राप्त दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए डीजे संचालकों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की गईं। पुलिस ने साफ तौर पर अवगत कराया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे की ऊंचाई जमीन से अधिकतम 8 फीट, चौड़ाई 10 फीट और ध्वनि की तीव्रता मानक के अनुसार 75 डेसिबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यात्रा के दौरान कोई भी जाति विशेष, अश्लील या ऐसा भड़काऊ गाना नहीं बजाया जाएगा जिससे किसी भी व्यक्ति या समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे। बैठक में उपस्थित संभ्रांत नागरिकों और डीजे संचालकों ने भी पुलिस प्रशासन को नियमों का पालन करने और आगामी कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है।
सरकार के फ़ैसलों का विरोध करना या उसके ख़िलाफ़ नारे लगाना किसी नागरिक को किसी क्षेत्र से निकालने का वैध आधार नहीं हो सकता।बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी करते हुए सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी के ख़िलाफ़ जारी एक्सटर्नमेंट ऑर्डर (किसी व्यक्ति को किसी इलाक़े या ज़िले से बाहर रखने/निकालने का आदेश) को रद्द कर दिया।जस्टिस माधव जामदार ने मुंबई पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की।पुलिस ने सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (एसडीपीआई) के महाराष्ट्र महासचिव और पूर्व लोकसभा उम्मीदवार सईद चौधरी को एक साल के लिए मुंबई और आसपास के इलाक़ों से बाहर करने का आदेश दिया था।जज ने सवाल उठाया कि 'बीजेपी सरकार मुर्दाबाद' और 'अमित शाह मुर्दाबाद' जैसे नारे कार्रवाई का आधार कैसे बन सकते हैं।माफ़ी चाहते हैं, हम इस स्टोरी का कुछ हिस्सा लाइटवेट मोबाइल पेज पर नहीं दिखा सकते.आप अगर पूरी स्टोरी देखना चाहते हैं तो हमारे फुल वर्ज़न पर जाएं।उन्होंने देशभर में हाल के परीक्षा पेपर लीक के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों का भी ज़िक्र किया. सुनवाई के दौरान जज ने मौखिक रूप से कहा कि पुलिस अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह हैं, किसी मंत्री के अधीन काम करने वाले राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं।उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नागरिकों को सरकार के फ़ैसलों के ख़िलाफ़ विरोध और आंदोलन करने का अधिकार है।सिर्फ़ विरोध प्रदर्शन करने या नारे लगाने के आधार पर पुलिस किसी व्यक्ति को उसके अपने शहर से बाहर करने का आदेश नहीं दे सकती।जस्टिस माधव जामदार ने सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी के ख़िलाफ़ एक्सटर्नमेंट ऑर्डर को रद्द कर दिया।'विरोध करना नागरिकों का अधिकार है'लीगल मामलों की न्यूज़ वेबसाइट लाइव लॉ के अनुसार, जस्टिस जामदार ने कहा, "यह क्या हो रहा है? सभी नागरिकों को भारत सरकार का ग़ुलाम बनाया जा रहा है।वे विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, आंदोलन नहीं कर सकते, यह सब क्या है? अब इतने पेपर लीक हो चुके हैं. अगर लोग विरोध करें, तो आप उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज कर देंगे... यह क्या है?''विरोध करना नागरिकों का अधिकार है. याचिकाकर्ता ने सिर्फ 'बीजेपी सरकार मुर्दाबाद' और 'अमित शाह मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाए थे. नागरिक ऐसे नारे क्यों नहीं लगा सकते? सिर्फ़ ऐसे नारे लगाने पर एक्सटर्नमेंट ऑर्डर कैसे जारी किया जा सकता है?"जस्टिस माधव जामदार ने एक्सटर्नमेंट ऑर्डर को रद्द कर दिया और कहा कि यह आदेश केवल इसलिए पारित किया गया क्योंकि चौधरी ने विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया और उनमें हिस्सा लिया।आदेश में कहा गया, "भारत सरकार के कुछ फ़ैसलों का विरोध करने मात्र के आधार पर चौधरी को निर्वासित करने की कार्रवाई याचिकाकर्ता के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार और गरिमा के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन करती है।मुंबई उपनगर के चेंबूर निवासी सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी), बाबरी मस्जिद, ज्ञानवापी मस्जिद विवाद।वक्फ बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार और ईंधन क़ीमतों में वृद्धि जैसे मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने में सक्रिय रहे हैं।उनकी याचिका में कहा गया कि अक्तूबर 2025 में महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम (एमपीए) के तहत उनके ख़िलाफ़ एक्सटर्नमेंट की कार्यवाही शुरू की गई थी।यह कार्रवाई 2019 से 2024 के बीच उनके ख़िलाफ़ दर्ज कई एफ़आईआर के आधार पर शुरू की गई।सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने जस्टिस माधव जामदार के फ़ैसले की प्रशंसा करते हुए एक्स पर लिखा है।यह दिखाता है कि अब भी ऐसे जज मौजूद हैं, जिनमें सरकार से सवाल पूछने और नागरिकों के अधिकारों के पक्ष में खड़े होने का साहस है. सराहनीय।
शहर को स्मार्ट, सुव्यवस्थित और जलभराव मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम रुद्रपुर ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। महापौर विकास शर्मा ने विकास प्राधिकरण के सचिव एवं कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत से व्यक्तिगत मुलाकात कर शहर के सबसे महत्वपूर्ण ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान महापौर ने एनएच-87 पर अटरिया मोड़ से डीडी चौक होते हुए त्रिशूल चौक तक आधुनिक आरसीसी नाले के निर्माण के साथ-साथ हाईवे किनारे आम नागरिकों की सुविधा के लिए व्यवस्थित फुटपाथ बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा। इस प्रस्ताव पर आयुक्त दीपक रावत ने सहमति व्यक्त करते हुए योजना को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।महापौर ने आयुक्त को नगर निगम द्वारा तैयार किए गए विस्तृत आगणन की जानकारी भी दी। वर्ष 2026-27 के लिए तैयार इस परियोजना की अनुमानित लागत 16 करोड़ 61 लाख 61 हजार रुपये निर्धारित की गई है। यह परियोजना अटरिया मोड़ से डीडी चौक होते हुए त्रिशूल चौक तक सड़क के दोनों ओर आरसीसी नाला निर्माण कर बरसाती जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करेगी।इस संबंध में महापौर द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी एक विस्तृत पत्र भेजा गया है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि इस महत्वपूर्ण जनहित परियोजना के लिए जिला विकास प्राधिकरण के माध्यम से आवश्यक धनराशि शीघ्र स्वीकृत की जाए।महापौर ने कमिश्नर को बताया कि बरसात के दौरान रुद्रपुर शहर में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है। नगर निगम के पास इतनी बड़ी परियोजना को स्वयं पूरा करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुगम हो सके और जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।महापौर ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल नाला निर्माण का कार्य नहीं बल्कि शहर के भविष्य से जुड़ी आधारभूत संरचना का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसे शीघ्र शुरू किया जाना आवश्यक है।कमिश्नर से मुलाकात के बाद महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर तेजी से विकसित हो रहा शहर है। ऐसे में आधुनिक और मजबूत ड्रेनेज व्यवस्था समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अटरिया मोड़ से त्रिशूल चौक तक प्रस्तावित आरसीसी नाला न केवल वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का समाधान करेगा, बल्कि शहर के यातायात को भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाएगा। हमने इस परियोजना के साथ हाईवे किनारे फुटपाथ निर्माण का प्रस्ताव भी रखा है, ताकि पैदल चलने वाले नागरिकों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो सके। आयुक्त दीपक रावत ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक सहमति दी है। हमें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इस जनहितकारी परियोजना के लिए।आवश्यक धनराशि शीघ्र स्वीकृत होगी और रुद्रपुर को एक स्मार्ट, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित शहर बनाने का सपना तेजी से साकार होगा।
पर्यटन नगरी मसूरी में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाकर ‘वीआईपी कल्चर’ का प्रदर्शन कर रहे एक वाहन चालक पर मसूरी पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। गज्जी बैंड क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने अवैध ब्लैक फिल्म, हूटर और लाल-नीली बत्ती लगी दिल्ली नंबर की कार को मौके पर ही सीज कर दिया।चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं मिला। मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश और क्षेत्राधिकारी मसूरी के पर्यवेक्षण में कोतवाली मसूरी पुलिस द्वारा यातायात नियमों के पालन को लेकर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस ने गज्जी बैंड क्षेत्र में वाहन संख्या डीएल4सीएजेड 6536 को रोककर जांच की। जांच के दौरान वाहन चला रहे धुर्व कुमार (20 वर्ष), निवासी रोहिणी, नई दिल्ली से जब दस्तावेज मांगे गए तो वह वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें मोटर वाहन अधिनियम के स्पष्ट उल्लंघन सामने आए। कार के शीशों पर अवैध ब्लैक फिल्म लगी थी, साथ ही वाहन में हूटर और लाल-नीली बत्ती का भी प्रयोग किया जा रहा था, जो आम नागरिकों के लिए प्रतिबंधित है। उन्होने बताया कि ऐसे उपकरणों का उपयोग कर कई लोग सड़क पर वीआईपी होने का झूठा प्रभाव बनाते हैं।जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए वाहन चालक के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में चालान किया गया तथा वाहन को मौके पर ही सीज कर दिया गया।मसूरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बिना लाइसेंस वाहन चलाना, वाहनों में अवैध संशोधन करना, ब्लैक फिल्म लगाना या प्रतिबंधित हूटर एवं लाल-नीली बत्ती का इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आमजन और पर्यटकों से अपील की है कि वाहन चलाते समय सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें।यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार के अवैध उपकरणों का उपयोग न करें। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
पहाड़ों की रानी मसूरी के ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण लंढौर बाजार में सड़क ट्रीटमेंट का कार्य अब स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा 14 मई को शुरू किए गए इस कार्य को 15 दिनों में पूरा किया जाना था, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सड़क निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इससे क्षेत्र के व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन सीजन के बीच सड़क खुदी होने और निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है।इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। कई दुकानदारों का कहना है कि पहले ही ऑनलाइन बाजार और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण व्यापार प्रभावित है, ऐसे में निर्माण कार्य में हो रही देरी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।पर्यटन सीजन में बढ़ी परेशानीलंढौर बाजार मसूरी का प्रमुख पर्यटन और व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। सड़क निर्माण कार्य के चलते जगह-जगह निर्माण सामग्री और अधूरा काम होने से पर्यटकों को भी आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि कार्य समय पर पूरा हो जाता तो पर्यटन सीजन में होने वाले नुकसान से बचा जा सकता था।व्यापारियों ने उठाए सवालव्यापारियों का आरोप है कि कार्य शुरू करते समय विभाग ने 15 दिन में काम पूरा करने का दावा किया था, लेकिन अब एक महीने से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि न तो विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है और न ही कार्य पूरा होने की नई समयसीमा बताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य के कारण कई बार ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। कुछ व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्य पूरा नहीं किया गया तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।कैमरे से बचता दिखा ठेकेदारमौके पर जब मीडिया ने निर्माण कार्य की प्रगति और देरी के कारणों को जानने का प्रयास किया तो संबंधित ठेकेदार कैमरे के सामने आने से बचता नजर आया। इससे स्थानीय लोगों में और अधिक नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि कार्य में देरी हो रही है तो इसकी वजह सार्वजनिक की जानी चाहिए।पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली पर सवालस्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है जब किसी सरकारी निर्माण कार्य में निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं हुआ हो। उनका आरोप है कि विभागीय निगरानी की कमी और कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण जनता को अनावश्यक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।व्यापारियों की मांगव्यापारियों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए और व्यापारियों को हो रहे नुकसान को देखते हुए कार्य में तेजी लाई जाए। उनका कहना है कि मसूरी की पहचान और पर्यटन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इन कार्यों का समयबद्ध और सुनियोजित तरीके से पूरा होना भी उतना ही आवश्यक है।
आधुनिक तकनीक और पुलिस की तत्परता ने एक बार फिर लोगों का विश्वास मजबूत किया है। मसूरी में घूमने के दौरान गुम हुआ करीब 55 हजार रुपये कीमत का आईफोन-15 मसूरी पुलिस ने कुछ ही समय में बरामद कर उसकी स्वामिनी को सुरक्षित वापस सौंप दिया।जानकारी के अनुसार 15 जून 2026 को तान्या पत्नी गौरव कुमार, निवासी जफर हॉल, कुलड़ी बाजार मसूरी ने कोतवाली मसूरी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि एमडीडीए पार्किंग से पिक्चर पैलेस के बीच घूमने के दौरान उनका मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया है। मोबाइल में महत्वपूर्ण व्यक्तिगत और डिजिटल जानकारी होने के कारण वह काफी परेशान थीं। शिकायत मिलते ही मसूरी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टरऐप के माध्यम से मोबाइल की ट्रैकिंग शुरू की। तकनीकी टीम की मदद से मोबाइल फोन की लोकेशन और अन्य जानकारियां जुटाई गईं, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदा फोन को बरामद कर लिया। बरामद किया गया मोबाइल आईफोन-15 है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 55 हजार रुपये बताई जा रही है। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने मोबाइल फोन उसकी स्वामिनी तान्या को सुपुर्द कर दिया। अपना मोबाइल सुरक्षित वापस मिलने पर तान्या ने मसूरी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन इतनी जल्दी मिल जाएगा, लेकिन पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता के कारण उनका कीमती मोबाइल वापस मिल सका।पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें तथा सीईआईआर पोर्टल और ऐप का उपयोग करें। इससे गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक कर बरामद करने में काफी मदद मिलती है।मसूरी पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है।तकनीक और तत्पर पुलिसिंग के समन्वय से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बेहतर समन्वय और सीमा संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण मैत्री सम्मेलन आयोजित हुआ।नेपाल स्थित एक होटल में आयोजित इस सम्मेलन में भारत के सीमावर्ती जिलों और नेपाल के जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।बैठक में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नो-मैन्स लैंड में अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त सीमा पिलरों के पुनर्स्थापन तथा सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।बैठक में सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी), सर्वे विभाग की टीमों सहित दोनों देशों के प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में संयुक्त सर्वेक्षण कर क्षतिग्रस्त पिलरों की पहचान करने और नो-मैन्स लैंड पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए समन्वित कार्रवाई करने पर सहमति जताई।जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच सीमा संबंधी मुद्दों पर नियमित संवाद और समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की टीमें जल्द ही संयुक्त रूप से कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त पिलरों के पुनर्स्थापन और अतिक्रमण हटाने का कार्य करेंगी।नेपाल की ओर से मौजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी सीमा प्रबंधन को लेकर सहयोग का भरोसा दिलाया और कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी समन्वय से सीमा क्षेत्र की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाएगा।बैठक के दौरान सीमा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, अवैध गतिविधियों की रोकथाम और सीमावर्ती नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत अधिक से अधिक लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने और अभियान को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आठ जून से प्रदेशभर में शुरू हुआ यह अभियान लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत मतदाता प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन सात जुलाई तक किया जाएगा। इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों को पूरी गंभीरता के साथ अभियान में सहयोग करना चाहिए ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि जिन युवाओं की आयु मतदान के लिए निर्धारित हो चुकी है और जिनका अब तक मतदाता पहचान पत्र नहीं बना है, उनका फॉर्म छह भरवाकर पंजीकरण कराया जाए।इसके साथ ही ऐसे मतदाता जो किसी कारणवश अपने क्षेत्र से बाहर हैं, उनकी फोटो एवं आवश्यक जानकारी संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराई जाए ताकि उनका सत्यापन समय पर पूरा हो सके।राजकुमार ठुकराल ने कार्यकर्ताओं से अपने क्षेत्र के बीएलओ के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि बेहतर समन्वय से अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों को यह भी जागरूक करने की अपील की कि मतदाता आवेदन पत्र के साथ पासपोर्ट आकार का फोटो अनिवार्य रूप से लगाया जाना है, इसलिए समय रहते इसकी व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता घरघर जाकर लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नए मतदाताओं का पंजीकरण कराने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी की सक्रियता, मेहनत और समर्पण से यह अभियान सफल होगा तथा अधिक से अधिक पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल हो सकेंगे।
सुरक्षा और यातायात को लेकर आईजी कुमाऊं एवं एसएसपी नैनीताल ने की अहम ब्रीफिंग।पुलिस बल को सुदृढ़ सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था के दिए सख्त निर्देश।आगामी "श्री कैंची धाम स्थापना दिवस मेला-2026" को सकुशल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए नैनीताल पुलिस ने अपनी कमर कस ली है।आज, 12 जून 2026 को मेडिकल कॉलेज हल्द्वान में श्रीमती निवेदिता कुकरेती कुमार पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीताल की अध्यक्षता तथा श्री ललित मोहन रायल जिलाधिकारी नैनीताल।एवं डॉ. मंजूनाथ टीसी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के नेतृत्व में मेला ड्यूटी में तैनात समस्त अधिकारियों एवं पुलिस बल को सुरक्षा, यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण ब्रीफिंग आयोजित की गई।मंदिर परिसर, बैरियरों, पार्किंग स्थलों एवं प्रमुख मार्गों पर सघन एंटी-सबोटाज एवं बीडीएस चेकिंग।प्रभावी यातायात एवं डायवर्जन प्लान लागूपार्किंग, शटल सेवा, खोया-पाया केंद्र एवं मीडिया प्रबंधन की विशेष व्यवस्था04 सुपर जोन एवं 14 जोन में व्यापक पुलिस तैनाती।सभी जोनल एवं सुपर जोनल अधिकारियों को व्यक्तिगत निरीक्षण एवं ब्रीफिंग के निर्देशमेले के दौरान 03 SSP/SP, 08 Addl. SP, 14 CO, 26 निरीक्षक/थानाध्यक्ष, 146 SI/ASI, 475 HC/Constable, 455 रिक्रूट कांस्टेबल, 02 कंपनी CAPF, 02 कंपनी 02 प्लाटून PAC सहित SDRF, Fire एवं BDS की टीमें तैनात रहेंगी।नैनीताल पुलिस सभी श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से अपील करती है कि यातायात नियमों का पालन करें तथा मेला व्यवस्था को सफल बनाने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
कोतवाली काशीपुर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 21 लोगों सहित हुक्का बार के संचालक को भी गिरफ्तार किया है।मौजूदा वक्त में संचालित आपरेशन प्रहार के तहत एव वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर अजय गणपति द्वारा जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा।अवैध गतिविधियों/नशें पर सख्ती से अंकुश लगाने संबंधी आदेशों निर्देशों के क्रम में पुलिस अधीक्षक काशीपुर और पुलिस उपाधीक्षक काशीपुर के निर्देशन के पर्यवेक्षण में और काशीपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक।की अगुवाई में काशीपुर कोतवाली पुलिस ने चैकिंग के दौरान बाजपुर रोड़ स्थित मून साइन कैफ़े हुक्का बार पीकर हुड़दंग काट रहे 21 लोगों को मय संचालक के गिरफ्तार किया गया है।संचालक आसिफ पुत्र शेर खान हुक्का बार चलाने से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा सका।मौके पर अवैध हुक्का बार के संचालक को धारा 170 बी एन एस तथा हुक्का पीकर लोक अवदूषण फैला रहे व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस एक्ट में चालानी कार्रवाई की गई।तथा अवैध हुक्का बार से संबंधित हुक्के आदि को कब्जे में लिया गया तथा उपजिला मजिस्ट्रेट को अलग से रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है अवैध गतिविधियों तथा अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के खिलाफ।कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी गिरफ्तार किए गए लोगों में अंकित पुत्र लेखराज निवासी जसपुर,फैज पुत्र अब्दुल राऊफ निवासी कटोरताल काशीपुर,सवान पुत्र अख्तर निवासी अल्ली खां काशीपुर।अमन पुत्र अशरफ़ निवासी बैलजुडी कुण्डा, अरशान पुत्र ज़ावेद निवासी अल्ली खां काशीपुर सैजल पुत्र फिरोज निवासी किला काशीपुर।सादवान पुत्र अख्तर अली निवासी अल्ली खां काशीपुर सभान पुत्र अख्तर निवासी अल्ली खां काशीपुर अब्दुल अहद पुत्र मौ अनस निवासी थाना साबिक काशीपुर।निज़ाम पुत्र शरीफ़ निवासी बरखेड़ा पांडे थाना आईटीआई उवेश पुत्र मतलूब निवासी कटोराताल काशीपुर, रेहान पुत्र मौ उमर निवासी अल्ली खां काशीपुर, नजाकत अली पुत्र वजीर अली निवासी मानधन रामनगर।गुरजीत सिंह पुत्र गुरनाम सिंह निवासी उपरोक्त, शराफ़त अली पुत्र वजीर अली निवासी मानधन रामनगर अरबाज पुत्र मुजीम अहमद निवासी रामनगर, राहुल पुत्र श्यामलाल निवासी महेशपुरा काशीपुर,रहीम पुत्र इब्ने हसन निवासी सरवरखेडा थाना कुण्डा अभियुक्त आसिफ पुत्र शेर खान।निवासी थाना साबिक कोतवाली काशीपुर अवैध हुक्का बार संचालक को धारा 170 बी एन एस के तहत गिरफ्तार किया है।पुलिस टीम में काशीपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरेन्द् चौधरी, वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन बुधानी, प्रभारी टांडा उज्जैन हेम तिवारी, प्रभारी प्रतापपुर कौशल भाकुनी।एस आई कंचन पडलिया सिपाही आदेश कुमार गजेन्द्र गिरी महेश राम आनंद सिंह चेतन शामिल हैं।काशीपुर पुलिस का जनता को संदेशकाशीपुर शहर में संचालित हुक्का बारों के कारण बच्चे एव युवा वर्ग तेजी से धूम्रपान और नशें की ओर आकर्षित हो रहे हैं।हुक्के को मनोरंजन का साधन समझकर शुरु करने वाले कई युवा धीरे धीरे निकोटिन की लत के शिकार हो जाते हैं।जिससे भविष्य में स्मैक हेरोइन एव अन्य घातक मादक पदार्थों के सेवन का खतरा बढ़ जाता है।यह केवल उनके स्वास्थ्य बल्कि उनके परिवार शिक्षा करियर एव सामाजिक जीवन पर भी गंभीर दुष्प्रभाव डालता है काशीपुर पुलिस सभी अभिभावकों शिक्षकों एव नागरिकों से अपील करती हैं।कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर सर्तक निगरानी रखें उन्हें नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध नशा संबंधी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।हुक्के की शुरुआत नशे की ओर पहला कदम बन सकती है, अपने बच्चों को बचाइए नशे के खिलाफ आवाज उठाइए
वार्ड संख्या 25 स्थित संपूर्ण फाजलपुर महारौला क्षेत्र को सीलिंग के दायरे में शामिल किए जाने और भवनों व भूखंडों की रजिस्ट्री तथा दाखिल खारिज होने के बावजूद प्रतिबंध जारी रहने के मामले में जिला प्रशासन की टीम ने मौके का निरीक्षण कर प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने अधिकारियों के समक्ष क्षेत्रवासियों की समस्याएं उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने दर्जनों क्षेत्रवासियों के साथ जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया था। उन्होंने सीलिंग के कारण क्षेत्र के लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए राहत दिलाने की मांग की थी। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (नजूल) पंकज उपाध्याय, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव चक्रवर्ती और के.के. पंत सहित अन्य अधिकारी फाजलपुर स्थित लोक विहार कॉलोनी पहुंचे और स्थानीय नागरिकों से बातचीत की। इस दौरान राजकुमार ठुकराल ने अधिकारियों को बताया कि संपूर्ण फाजलपुर महारौला के अंतर्गत तराई विहार, प्रीत विहार, प्रीत विहार फेज पांच, लोक विहार, बराड़ नगर, अपना एन्क्लेव तथा अपना एन्क्लेव फेज दो सहित कई कॉलोनियों के लोग सीलिंग के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग अपनी भूमि और भूखंडों का क्रय विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। नए बिजली और पानी के कनेक्शन भी नहीं मिल रहे हैं।तथा संपत्तियों की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध होने से विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। इससे क्षेत्रवासी मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व जिलाधिकारी के आदेश के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के बाद अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि यह मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायालय द्वारा स्थगनादेश भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर अधिकारियों से वार्ता करने के साथ ही न्याय विभाग से विधिक राय ली जाएगी, ताकि नियमानुसार क्षेत्रवासियों को राहत देने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस दौरान सुखदेव सिंह चंदी, बलविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, चंदन सिंह रौतेला, महेश जोशी, प्रभाकर पाण्डेय, संदीप वर्मा, ललित सिंह बिष्ट, हरजीत सिंह, लखविंदर सिंह चहल, राजवीर सिंह, गुरमीत सिंह।तरसेम सिंह, डॉ. पी.पी. यादव, एस.एस. यादव, विजय दानी, मनवीर सिंह, विक्रमजीत सिंह, शाकिर अली खां, पीयूष शर्मा, गिरजा शंकर पाण्डेय।हरप्रीत सिंह, वैभव वार्ष्णेय, देवेन्द्र सिंह, यश पाठक, चनकीरत सिंह, हर्ष रावल, बलवीर सिंह, वीरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र प्रसाद सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
बंगाली समाज के अधिकारों की मांग को लेकर चल रहे "आरक्षण हमारा अधिकार" आंदोलन के तहत आंदोलनकारी युवाओं ने अपना सिर मुंडवाकर सरकार के प्रति विरोध दर्ज कराया।कार्यक्रम का नेतृत्व समाजसेवी सुब्रत कुमार विश्वास ने किया। इस दौरान डॉ. सुनील हालदार, सुभाष राय, निपेन विश्वास, राजू विश्वास, धीरज विश्वास सहित अनेक युवाओं ने मुंडन कराकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मुंडन के दौरान एकत्रित किए गए बालों को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जाएगा।ताकि बंगाली समाज की मांगों और संघर्ष की आवाज देश के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुंच सके।इस अवसर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सुब्रत कुमार विश्वास ने कहा कि बंगाली समाज वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही देश में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग अधिकार और व्यवस्थाएं होना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। बंगाली समाज ने देश की आजादी, राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन इसके बावजूद आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।सुब्रत कुमार विश्वास ने कहा, “आरक्षण हमारा अधिकार है और हम अपने अधिकारों को प्राप्त करके रहेंगे। यदि आवश्यकता पड़ी तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। बंगाली समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हमें आमरण अनशन जैसे कठिन कदम भी उठाने पड़ें तो हम उसके लिए तैयार हैं। गरीब, मजदूर, किसान और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए हमारा जीवन भी समर्पित है।”उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल उत्तराखंड की नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष के उन बंगालियों की लड़ाई है, जो विभिन्न राज्यों में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। चाहे ओडिशा हो, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, झारखंड, उत्तर प्रदेश या अन्य राज्य, जहां बंगाली समाज अपने अधिकारों से वंचित महसूस कर रहा है, वहां के लोगों की आवाज को भी यह आंदोलन बुलंद करेगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज का यह संघर्ष किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए है। आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जा रहा है।कार्यक्रम में उपस्थित सुभाष राय ने कहा कि बंगाली समाज के अधिकारों के लिए यदि उन्हें अपना जीवन भी देना पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे समाज का आंदोलन है और समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा।सुभाष राय ने कहा कि आज बंगाली समाज के लोगों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों और दस्तावेजों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार समाज के लोगों को अपनी पहचान और दस्तावेजों को सिद्ध करने के लिए अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि समाज इस प्रकार की परेशानियों का विरोध करता है और सभी नागरिकों के लिए समान व्यवहार तथा सम्मान की अपेक्षा करता है।आंदोलनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश तथा देश के विभिन्न राज्यों में निवासरत बंगाली समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। साथ ही समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर लंबित मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं ने एक स्वर में कहा कि "आरक्षण हमारा अधिकार है" और समाज अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहकर संघर्ष जारी रखेगा।मुख्य रूप से उपस्थितकिशोर हालदार, अभिमन्यु साना, सुब्रतन कुमार, डॉ. अली, प्रजापति आर. दास, प्रमोद अली सलमानी, श्याम दत्त लोधी, ओमप्रकाश लोधी, मनीष गुप्ता।अमल मंडल, तरुण विश्वास, निलेश खान, गोपाल मंडल, सुब्रत कुमार विश्वास, डॉ. सुनील हालदार, सुभाष राय, निपेन विश्वास, राजू विश्वास, धीरज विश्वास एवं अन्य युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद्, रुद्रपुर शाखा की ओर से शुक्रवार को स्टोर रिज पब्लिक स्कूल एवं फर्स्ट स्टैप पब्लिक स्कूल परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष मनोज अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना आवश्यक है। शाखा अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने परिषद के “एक सदस्य-एक वृक्ष” अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सभी सदस्यों एवं नागरिकों से अधिकाधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण प्रदान करने का आधार हैं। कार्यक्रम में शाखा सचिव राजेश सलूजा, कीर्ति शर्मा, संजय ठुकराल, पर्यावरण संयोजिका गुंजन खेड़ा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को शुद्ध रखते हैं बल्कि जैव विविधता के संरक्षण और जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस दौरान परिषद के सदस्यों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। साथ ही सभी ने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद उत्तराखंड के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष मनोज अरोड़ा, शाखा अध्यक्ष आनंद अग्रवाल।महामंत्री राजेश सलूजा, कीर्ति शर्मा, संजय ठुकराल, गुंजन खेड़ा, अनुज, राकेश श्रीवास्तव, प्रकाश पाठक सहित परिषद के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
फतेहपुर थाना क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने और क्षेत्र में शाति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से थाना निरीक्षक प्रभारी वीरेंद्र सिंह राणा ने पुलिस टीम के साथ मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त की।गश्त के दौरान थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह राणा ने दुकानदारों और आम नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस हमेशा उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। उन्होंने संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग भी कराई और युवाओं को कानून व्यवस्था का पालन करने की हिदायत दी। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि पैदल गश्त का उद्देश्य लोगों में पुलिस की उपस्थिति का अहसास कराना है।ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को रोका जा सके।गश्त के दौरान पुलिस टीम ने ट्रैफिक व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और बिना हेलमेट चालकों को चेतावनी दी। स्थानीय लोगों ने थाना प्रभारी राणा की इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है।
पहाड़ों की रानी मसूरी में इन दिनों पर्यटकों की भारी आमद जहां पर्यटन कारोबारियों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ता ट्रैफिक जाम स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।सुबह के समय मसूरी-देहरादून मार्ग और शहर के प्रमुख चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि कुछ जगहों पर लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। जांच के दौरान पाया गया कि सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से वाहनों की पार्किंग जाम की सबसे बड़ी वजह बन रही है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग अपनी निजी गाड़ियों को सड़क किनारे खड़ा कर रहे हैं। इसके अलावा मसूरी में संचालित होमस्टे, गेस्ट हाउस और होटल भी अपने पर्यटकों के वाहनों को सड़क पर ही पार्क करा रहे हैं। संकरी सड़कों पर खड़े इन वाहनों के कारण दो तरफा यातायात प्रभावित हो रहा है और जाम की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन में यह समस्या और बढ़ जाती है, लेकिन इसके बावजूद पार्किंग व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम दिखाई नहीं देता। मसूरी पेट्रोल पंप क्षेत्र में भी यातायात व्यवस्था चरमराई हुई दिखाई दी। यहां सीमेंट, बजरी, कोल्ड ड्रिंक और अन्य सामान के थोक कारोबारियों द्वारा बड़े-बड़े ट्रकों को सड़क किनारे खड़ा कर लोडिंग-अनलोडिंग कराई जा रही थी। व्यस्त समय में सड़क पर खड़े इन भारी वाहनों के कारण यातायात बाधित हो रहा है और लंबा जाम लग रहा है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि यदि लोडिंग-अनलोडिंग के लिए निर्धारित समय तय किया जाए तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यातायात प्रबंधन में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में दिखाई दी। सुबह के व्यस्त समय में मसूरी के कई प्रमुख चौराहों पर कोई पुलिसकर्मी या यातायात कर्मचारी नजर नहीं आया। ऐसे में वाहनों की बढ़ती संख्या और अव्यवस्थित पार्किंग ने स्थिति को और अधिक खराब कर दिया।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्यटन सीजन में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती आवश्यक है, ताकि यातायात को सुचारु बनाया जा सके और लोगों को राहत मिल सके। मसूरी घूमने पहुंचे कई पर्यटकों ने जाम को लेकर नाराजगी जताई। दिल्ली से आए पर्यटकों ने बताया कि वे राजधानी की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए मसूरी पहुंचे थे। यहां का मौसम बेहद सुहावना और मनमोहक है, लेकिन ट्रैफिक जाम ने उनके पूरे सफर का अनुभव खराब कर दिया।एक पर्यटक ने कहा, "दिल्ली से देहरादून तक का सफर अब काफी आसान हो गया है, लेकिन देहरादून से मसूरी पहुंचना सबसे मुश्किल हिस्सा बन गया है। कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लग जाते हैं।" पर्यटकों का कहना है कि यदि जाम की समस्या पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो मसूरी की पर्यटन छवि प्रभावित हो सकती है। स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों का मानना है कि मसूरी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सरकार और प्रशासन को संयुक्त रूप से दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। इसमें वैकल्पिक पार्किंग स्थल विकसित करना, सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर सख्ती, भारी वाहनों की आवाजाही के लिए समय निर्धारित करना और पर्यटन सीजन में अतिरिक्त यातायात पुलिस की तैनाती जैसे कदम शामिल किए जा सकते हैं। मसूरी उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। हर साल लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। लेकिन यदि यातायात व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया, तो यह समस्या पर्यटन उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों के लिए चुनौती बन सकती है। सुहावने मौसम और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर मसूरी में अब सबसे बड़ी जरूरत बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और प्रभावी प्रशासनिक समन्वय की महसूस की जा रही है।
नगर निगम रुद्रपुर को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। महापौर विकास शर्मा के प्रयासों से शासन ने शहर में आधुनिक पशु शव दाह गृह निर्माण के लिए 145.83 लाख रुपये की परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। योजना के तहत गैस बेस्ड इनसिनरेटर स्थापित किया जाएगा, जिसके माध्यम से मृत पशुओं के शवों का वैज्ञानिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा।यह महत्वपूर्ण स्वीकृति मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित स्टेट पावर्ड कमेटी की बैठक में प्रदान की गई। बैठक में रिंग फेंस्ड अकाउंट से विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया तथा संबंधित विभागों द्वारा परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। समिति ने रुद्रपुर, हल्द्वानी और हरिद्वार नगर निगम क्षेत्रों में मृत पशुओं के शवों के समुचित निस्तारण के लिए गैस बेस्ड इनसिनरेटर स्थापित करने की योजनाओं को मंजूरी दी। इनमें रुद्रपुर नगर निगम के लिए 145.83 लाख रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई है।महापौर विकास शर्मा ने इस स्वीकृति को नगर निगम और शहरवासियों के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि लंबे समय से शहर में मृत पशुओं के निस्तारण की आधुनिक व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वर्तमान व्यवस्था में कई बार मृत पशुओं के शवों के निस्तारण में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ संक्रमण और दुर्गंध की समस्या भी उत्पन्न होती थी। अब इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी और लगातार हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए आधुनिक पशु शव दाह गृह की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण थी। कई बार सड़क किनारे, खाली स्थानों या अन्य क्षेत्रों में मृत पशुओं के पड़े रहने से न केवल वातावरण दूषित होता है, बल्कि जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। गैस बेस्ड इनसिनरेटर की स्थापना के बाद पशु शवों का त्वरित और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा, जिससे शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलेगी।महापौर ने बताया कि इस आधुनिक तकनीक में उच्च तापमान पर पशु शवों को निस्तारित किया जाएगा, जिससे प्रदूषण का स्तर न्यूनतम रहेगा। पारंपरिक तरीकों की तुलना में यह व्यवस्था अधिक सुरक्षित, प्रभावी और पर्यावरण हितैषी होगी। इससे भूजल, वायु और आसपास के पर्यावरण को होने वाले नुकसान को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम लगातार आधुनिक तकनीकों और नवीन व्यवस्थाओं को अपनाकर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहा है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य से जुड़े विषयों को नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि पशु शव दाह गृह की स्थापना नगर निगम के स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।महापौर ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन तथा शहरी विकास विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से रुद्रपुर में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है और शहर आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम रुद्रपुर को प्रदेश के अग्रणी और आधुनिक नगर निगमों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में भी स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, यातायात, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। महापौर ने विश्वास जताया कि गैस बेस्ड पशु शव दाह गृह की स्थापना के बाद शहर की स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को प्राप्त होगा।
भारत विकास परिषद द्वारा सोनिया होटल में शपथ ग्रहण समारोह एवं कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवदायित्वधारी पदाधिकारियों ने शपथ ली तथा परिषद की विचारधारा, सेवा कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं परिषद पदाधिकारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् गान के साथ हुआ। मंच संचालन शाखा सचिव राजेश सलूजा ने किया। अतिथियों के स्वागत उपरांत शाखा अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने परिषद के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने का कार्य कर रहा है।कार्यशाला में क्षेत्रीय वित्त सचिव राजेंद्र कुमार गुप्ता ने परिषद की विचारधारा और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए समाज के कमजोर वर्गों की सेवा तथा भारतीय नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव नरेंद्र अरोड़ा ने परिषद के कार्यक्रमों एवं बैठकों के प्रोटोकॉल पर मार्गदर्शन दिया।प्रांतीय महासचिव हरीश शर्मा ने ‘सेवा, संपर्क एवं पर्यावरण’ विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए समाजहित में परिषद की भूमिका को रेखांकित किया। वहीं प्रांतीय संयोजिका महिला सहभागिता रश्मि जैन ने ‘संस्कार एवं महिला सहभागिता’ विषय पर महिलाओं को प्रेरित करते हुए संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका पर जोर दिया।द्वितीय सत्र में प्रांतीय वित्त सचिव अमित गंभीर ने वित्तीय प्रबंधन एवं पारदर्शिता पर चर्चा करते हुए संगठनात्मक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की। इसके पश्चात टोली निर्माण गतिविधियों एवं मुक्त चिंतन सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें सदस्यों ने अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में विधायक शिव अरोड़ा ने भी सहभागिता करते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और परिषद द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की।अंत में शाखा सचिव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। राष्ट्रगान एवं रात्रि स्नेह भोज के साथ कार्यक्रम हर्षोल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में नरेश कंसल (रुद्रपुर शाखा प्रभारी) विजय भूषण गर्ग, विष्णु कुमार सक्सेना ,संजय कुमार, अमित गम्भीर, अरुण अग्रवाल, संजय सिंघल, संजय कुमार सिंघल, रोहित सलूजा ललित मोहन गोयल, राजकुमार बिंदल, अजय अग्रवाल, महेंद्र गोयल।संजय ठुकराल, दिवाकर पांडे विशाल गोयल, अमित अरोरा,हरीश बजाज,अजय बंसल, दीपक कुमार अरोरा, कीर्ति निधि शर्मा, सुरेन्द्र मिड्ढा, पंकज कालरा, कश्मीर सिंह विर्क,मनीष कुमार अग्रवाल, अजीत पाल सिंह, करन पाल सिंह, अजीत जैन।निखिलेश शांडिल्य ,रोहित कपूर,शिव अरोरा,भारत भूषण चुग,संजीव अरोरा, शरद मोहन गुप्ता, राकेश बंसल, राजकुमार खनिजो, पंकज बांगा,यमन बब्बर,दिनेश बटला, सुरेश बब्बर, राकेश दुनेजा, सुनीता खेड़ा, नीतू अग्रवाल, गुंजन खेड़ा।मोनिका बंसल, सानिया गम्भीर, पारुल गुप्ता, सीमा बिंदल, रेखा अरोरा, रीना अग्रवाल, कविता बंसल, प्रेरणा शर्मा, अंजू कुमार, भावना कपूर, स्नेहा मिड्ढा, रीना शर्मा, लवी जैन,नेहा बांगा, भावना बब्बर, विनीता पाण्डेय, कुसुम रानी सहित बड़ी संख्या में सदस्य एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।बैठक में इन पदाधिकारियों को सौंपे गए दायित्वभारत विकास परिषद रुद्रपुर शाखा के सत्र 2026-27 हेतु आनंद अग्रवाल को अध्यक्ष, राजेश सलूजा को सचिव, विपिन लूथरा को कोषाध्यक्ष, जतिन अग्रवाल को उपाध्यक्ष तथा ललित मोहन को संयुक्त सचिव का दायित्व सौंपा गया।इसके अलावा विभिन्न गतिविधियों के लिए भी संयोजकों एवं सह-संयोजकों की नियुक्ति की गई। संस्कार प्रकल्प की जिम्मेदारी कीर्ति निधि शर्मा, सेवा प्रकल्प की जिम्मेदारी संजय कुमार।महिला सहभागिता की जिम्मेदारी नीतू अग्रवाल, संपर्क प्रकल्प की जिम्मेदारी रोहित सलूजा तथा पर्यावरण प्रकल्प की जिम्मेदारी गुंजन खेड़ा को सौंपी गई।मीडिया प्रभारी का दायित्व हरीश बजाज को दिया गया, जबकि महिला कौशल विकास प्रकल्प की जिम्मेदारी रीना चौधरी को सौंपी गई। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और सेवा कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
छुटमलपुर। आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पर्व को शांतिपूर्ण और आपसी सौहार्द के माहौल में संपन्न कराने के लिए रविवार को थाना फतेहपुर परिसर में क्षेत्राधिकारी सीओ सदर एवं प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा की संयुक्त अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।जिसमें क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कुर्बानी केवल उन्हीं चिन्हित और पारंपरिक स्थानों पर होगी जहां हर वर्ष होती आई है और किसी भी नई जगह या सार्वजनिक स्थल पर इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।साथ ही कुर्बानी के बाद अवशेषों को खुले में फेंकने के बजाय गड्ढा खोदकर सुरक्षित दबाने और मांस को पूरी तरह ढककर ही ले जाने की हिदायत दी गई ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों। क्षेत्राधिकारी सदर ने त्योहार को आपसी भाईचारे का प्रतीक बताते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की, वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अनजाने में हुई गलती को तो देखा जा सकता है।लेकिन जानबूझकर कानून तोड़ने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिस पर बैठक में मौजूद सभी ग्राम प्रधानों और संभ्रांत नागरिकों ने पुलिस को पूरा भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में त्योहार पूरी तरह अमन-चैन और नियमों के दायरे में रहकर ही मनाया जाएगा और गंगा-जमुनी तहजीब को आंच नहीं आने दी जाएगी।